Q1जर्मनी के एकीकरण की बाधाएं क्या थी?
उत्तर - जर्मनी के एकीकरण के निम्नलिखित बाधाएं थी
i) राष्ट्रवाद की भावना का अभाव
ii) लगभग 300 छोटे बड़े राज्य में बट जाना
iii) संस्कृति का अभाव
iv) ऑस्ट्रिया का हस्तक्षेप
v )मेटरनिख की प्रतिक्रियावादी नीति
Q2 मेजनी कौन था?
उत्तर - मेजनी इटली में राष्ट्र वादियों के गुप्त दल कार्बोनरी का सदस्य था वह सेनापति होने के साथ-साथ राज तांत्रिक विचारों का समर्थन तथा साहित्यकार भी था ।
Q3 मेटरनिख युग क्या है?
उत्तर - ऑस्ट्रेलिया का चांसलर के रूप में मेटरनिख ने 18 सो 15 ईस्वी से 1848 इसवी तक शासन किया। अपने शासनकाल के दौरान यूरोप की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाई इसी काल विधि को मेटरनिख युग कहा जाता है।
Q4 यूरोप में राष्ट्रवाद फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट किस तरह सहायक हुए?
उत्तर- यूरोप में राष्ट्रवाद फैलाने में नेपोलियन की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उसने एक ली और जर्मनी के राज्यों को भौगोलिक नाम की परिधि से बाहर कर उसे वास्तविक तथा राजनैतिक रूपरेखा प्रदान की जिसमें इनके एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ हुआ।
नेपोलियन के इस प्रयास से अन्य राज्य अपनी अपनी रक्षा का प्रबंधन करने लगे जिससे आपसी में एकता की भावना का विकास हुआ। इटली में नेपोलियन के संगति एक रूप शासन में प्रभावित हुए। नेपोलियन ने जर्मनी के 300 से अधिक राज्यों के स्थान पर उन 39 राज्यों का संघ बना और जर्मनी में राष्ट्रवाद का विकास किया ।
Q5 गैरीबाल्डी के कार्यो की चर्चा करें?
उत्तर- गैरीबाल्डी पेशे से एक नाविक था। वह एक योग्य सेनापति भी थे उनका जन्म 1807 में मनीष में हुआ था। वह एक महान राष्ट्रवादी थे। राष्ट्रवादी से प्रेरित होकर उसने यंग इटली की सदस्यता ग्रहण की थी। वह प्रारंभ से ही मैजिनी के विचारों का समर्थक थे किंतु बाद में अकाउंट कावूर से प्रभावित होकर संवैधानिक राजतंत्र का पक्षधर बन गए। उसने अपने कर्मचारियों तथा समय सेवकों की सशस्त्र सेना का गठन कर इटली के प्रांत से सुनी तथा नेपल्स पर आक्रमण कर विजय प्राप्त की।
Q6 विलियम प्रथम के बगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए असंभव था कैसे?
उत्तर -जर्मनी के एकीकरण के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा ऑस्ट्रिया थी। अतः राष्ट्रीय में मुकाबला हेतु जर्मनी को सैन्य शक्ति की आवश्यकता थी। जिसके लिए विलियम प्रथम हमेशा तत्पर रहा। विलियम प्रथम ने एकीकरण के उद्देश्य प्रशासन हेतु योग्य व्यक्तियों का चयन किया और महान कूटनीतिक बिस्मार्क को अपना चांसलर नियुक्त किया। विलियम प्रथम कि वह व्यक्ति था जिसने इस मार्ग को जर्मनी का एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाता हर कदम पर उसे समर्थन भी दिया।
अतः हम कह सकते हैं कि विलियम प्रथम के बगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए संभव नहीं था।